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पिछले पांच दशकों के प्रचालन के दौरान, हडको हाउसिंग क्षेत्र में एक प्रवर्तक के रूप में उभरा है। हडको ने वित्तपोषण विंडो के माध्यम से अब तक अपनी परियोजना देश में अर्बन हाउसिंग के अंतर्गत 83.6 करोड़ आवासीय इकाइयों (31.12.2025 तक) के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है और शहरी क्षेत्रों में सुविधआओं से वंचित और गरीब लोगों के लिए आवास पर विशेष जोर दिया है। हडको आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के हाउसिंग के लिए अन्य आय वर्ग श्रेणियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की तुलना में कम ब्याज दरें, अधिक ऋण राशि और लंबी चुकौती अवधि जैसी आसान वित्तीय शर्तें प्रदान करता है।

  1. हडको निम्नलिखित आवासीय परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता देता है :-
    • प्लॉट्स का विकास
    • ईडब्ल्यूएस / एलआईजी / एमआईजी और अन्य श्रेणियों के लिए हाउसिंग
    • कर्मचारी किराया आवास
    • एपेक्स कॉ-ऑपरेटीव हाउसिंग सोसाइटी को ऋण
    • भारत सरकार की कार्य आयोजना योजनाओं से संबंधित परियोजनाओं में अपने मार्जिन फंड को पूरा करने के लिए राज्य सरकारों/शहरी स्थानीय निकायों को निधि उपलब्ध कराना।


  2. योग्य एजेंसियां
  3. केंद्र और राज्य सरकारें, हाउसिंग बोर्ड/कॉर्पोरेशन, पुलिस हाउसिंग निगम, विकास प्राधिकरण, नगर सुधार ट्रस्ट, नगर निगम/परिषद, अन्य शहरी स्थानीय निकाय, शीर्ष राज्य सहकारी समितियां और अन्य सार्वजनिक संस्थाओं जैसे संयुक्त क्षेत्र, केंद्रीय और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम आदि।

    1. आंध्र प्रदेश राज्य के विभिन्न स्थानों पर पीएमएवाई(यू)-1.0 के एएचपी घटक के अंतर्गत आने वाले लेआउट में हाउसिंग इकाइयों के निर्माण और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास के लिए सावधि ऋण।
      हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा कुल 4,451.35 करोड़ रुपये की ऋण सहायता से वित्त पोषित यह प्रस्ताव, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के एएचपी घटक के अंतर्गत भारत के शहरी हाउसिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर पारिस्थितिकी तंत्र को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा देता है। इस परियोजना में 2,741.27 करोड़ रुपये के हाउसिंग ऋण द्वारा समर्थित 41,502 आवासीय इकाइयों के निर्माण के साथ-साथ 1,710.08 करोड़ रुपये के व्यापक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की परिकल्पना की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर, यह परियोजना अर्बन हाउसिंग की कमी को कम करके, ईडब्ल्यूएस और एलआईजी लाभार्थियों के जीवन स्तर में सुधार करके, बड़े पैमाने पर निर्माण गतिविधियों के माध्यम से रोजगार सृजित करके और पूरे भारत में सतत, समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देकर "सभी के लिए आवास" मिशन को सुदृढ़ करती है।

    2. केरल राज्य में लाइफ मिशन के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस ग्रामीण घरों का निर्माण।
      हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा 1,500 करोड़ रुपये की ऋण सहायता से वित्तपोषित इस परियोजना ने विशेष रूप से समावेशी विकास और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने में भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। 31,679 नए घरों के निर्माण और 43,321 निर्माणाधीन घरों के पूरा होने के साथ-साथ कुल 75,000 आवासीय इकाइयों के निर्माण में सहयोग देकर, यह परियोजना केरल सरकार के लाइफ मिशन के अंतर्गत 'सभी के लिए हाउसिंग' की परिकल्पना को सुदृढ़ करती है। विभिन्न ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) लाभार्थियों को लक्षित करते हुए, लाभार्थी-नेतृत्व वाली निर्माण परियोजना सामुदायिक भागीदारी, स्थानीय रोजगार सृजन और विकेंद्रीकृत विकास को बढ़ावा देती है।

    3. तेलंगाना राज्य में तेलंगाना हाउसिंग बोर्ड (टीएचबी) द्वारा 95,235 आवासीय भवनों के निर्माण के लिए ईडब्ल्यूएस किफायती आवास योजना (इंदिराममा इंडलू) का कार्यान्वयन।
      तेलंगाना सरकार, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से प्राप्त 3,000 करोड़ रुपये की निधि के साथ, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत केंद्र सरकार की सहायता को समन्वित करते हुए, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) परिवारों के लिए 95,235 इंदिराम्मा घरों के निर्माण की योजना बना रही है। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 57,141 और शहरी क्षेत्रों में 38,094 हाउसिंग इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से प्रत्येक का आधार क्षेत्र 390 वर्ग फुट होगा और इसमें बैठक कक्ष, शयनकक्ष, रसोई और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हाउसिंग की यह व्यापक पहल भारत के भविष्य पर परिवर्तनकारी प्रभाव डालेगी, जिससे सबसे गरीब वर्गों में हाउसिंग की कमी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा, ग्रामीण-शहरी हाउसिंग संतुलन सुदृढ़ होगा, स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार होगा तथा सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।